चंद्रयान 2 ने भेजी पहली तस्वीर,
चंद्रयान-2 ने 2650 KM दूर से ली चांद की पहली तस्वीर तस्वीर का नज़ारा कुछ ऎसा था
चंद्रयान 2 के द्वारा ली गई पहली तस्वीर का नज़ारा ही अलग है चंद्रयान 2 जिस चंद्रमा का राज खोजने के लिए भेजा गया है लगता है वो दिन भी अब दूर नहीं जब ये अपने कार्य में सफल होगा । चंद्रयान 2 के पहली तस्वीर भेजते ही वैज्ञानिक सहित पूरे भारत वासियों में खुशि की उमंग फैल गई लोग बहुत प्रसन्न है

चंद्रयान 2 के द्वारा ली गई पहली तस्वीर

इस तस्वीर की पुष्टि सबसे पहले इसरो ISRO ने की और अभी भी चंद्रयान 2 करीब 2650 किलोमीटर की दूरी पर है लेकिन चंद्रयान 2 ने अपना काम पूरा करने में चूक नहीं रहा है और ये वैज्ञानिक की कड़ी मेहनत की देन है
वैश्विक स्तर पर चंद्रयान 2 एक महत्वपूर्ण मिशन है
चांद की दूसरी कक्षा में पहुंच चुका है - चंद्रयान 2
चंद्रयान -2 ने 21 अगस्त को सफलतापूर्वक चांद की दूसरी कक्षा में प्रवेश कर लिया है. जिसके बाद चंद्रयान-2 ने लूनर सतह से लगभग 2650 किमी की ऊंचाई से तस्वीर ली है. इंडिया स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है.
इसरो ने बताया कि चंद्रयान-2 द्वारी भेजी गई चांद की तस्वीर में ओरिएंटेल बेसिन और अपोलो क्रेटर्स को पहचाना गया है.
बता दें कि इससे पहले इसरो ने बुधवार को जानकारी दी थी कि चंद्रयान-2 को चांद की दूसरी कक्षा में पहुंचने में 1,228 सेकेंड लगे. चांद की कक्षा का आकार 118 किलोमीटर गुणा 4,412 किलोमीटर है, जिससे होकर स्पेसक्राफ्ट चांद पर उतरेगा.
वहीं मंगलवार को चंद्रयान -2 को चांद की पहली कक्षा में पहुंचाया गया था. स्पेसक्राफ्ट में ऑर्बिटर (वजन 2,379 किलोग्राम, आठ पेलोड), लैंडर 'विक्रम' (1,471 किलोग्राम, चार पेलोड) और रोवर (27 किलोग्राम, दो पेलोड) शामिल हैं.
बता दें कि इसरो के अध्यक्ष के सिवन का कहना है कि चांद पर उतरने के लिए भारत का पहला चंद्रमा मिशन चंद्रयान-2 को दुनिया में उत्सुकता के साथ देखा जा रहा है. सिवन ने कहा कि चंद्रयान-2 मिशन वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण मिशन है.
उन्होंने कहा कि चंद्रमा लैंडर विक्रम के लिए लैंडिंग ऑपरेशन सात सितंबर की रात करीब 1:40 बजे शुरू होगा. वहीं इसकी लैंडिंग रात 1:55 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर होगी.
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