जाने शुभ मुहूर्त और उपाय, पतंग उड़ाने के पीछे का राज


संक्रांति का पर्व पूरे भारत वर्ष में मनाया जाने वाला बहुत महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में चले जाते हैं। इसी दिन से खरमास की समाप्ति हो जाती है और शुभ काम फिर से शुरू हो जाते हैं। मकर संक्रांति के दिन गंगा में स्नान करना और दान करने का विशेष महत्व है। इस दिन लोगों द्वारा घरों में गुड़ और तिल के लड्डू बनाये और खाये जाते हैं। मकर संक्रांति पर सिर्फ गुड़ और तिल के लड्डू ही नहीं बनाये जाते, बल्कि इस पर्व से जुड़ी एक और बात है, जो बहुत प्रसिद्द है, वो है इस दिन पतंग उड़ाना।क्या कभी आपन सोचा है कि मकर संक्रांति और पतंग का आपस में क्या कनेक्शन है ?

संक्रांति के दिन देश भर में पतंग उड़ाई जाती है। कही-कहीं तो बड़ी-बड़ी प्रतियोगिताएं तक आयोजित की जाती हैं, जिसमें पूरे देश के पतंगबाज़ शामिल होते हैं और अपने दांव-पेचों से अपना ही नहीं दूसरों का भी मनोरंजन करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तव में इस मौके पर पतंग क्यों उड़ाई जाती है? नहीं न, तो चलिए जानते हैं ज्योतिषविद विमल जैन से - 

क्यों उड़ाई जाती है पतंग?
 मकर संक्रांति पर पूरे देश में पतंग उड़ाई जाती है, इसलिए इसे पतंग पर्व भी कहा जाता है। संक्रांति पर पतंग उड़ाने का धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों महत्व है। दक्षिण भारत में पौराणिक ग्रंथ के अनुसार भगवान श्रीराम ने पतंग उड़ाने की परंपरा की शुरुआत की थी। ऐसा उल्लेख मिलता है कि भगवान श्रीराम ने जो पतंग उड़ाई थी, वो इंद्र लोक में चली गई थी। इसके बाद से आज भी इस परंपरा को निभाया जा रहा है।

वैज्ञानिक महत्व
 अगर बात करें वैज्ञानिक दृष्टिकोण की तो पतंग उड़ाने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है। पतंग उड़ाने से दिमाग और दिल का संतुलन बना रहता है। पतंग को धूप में उड़ाया जाता है, जिससे हमारे शरीर को विटामिन-डी भरपूर मात्रा में मिलता है और स्किन से सम्बंधित बीमारियां नहीं होती हैं। मकर संक्रांति का पर्व ठण्ड में पड़ता है और ठण्ड में हमारे शरीर में कफ की मात्रा बढ़ जाती है और त्वचा भी रूखी हो जाती है। मकर संक्रांति पर सूर्य देव उत्तरायण हो जाते हैं। इस समय सूर्य की किरणें औषधि का काम करती हैं। इसलिए इस पर्व पर पतंग उड़ाने को शुभ माना जाता है। 

मकर संक्रांति 2023 शुभ मुहूर्त
 हिंदू पंचांग के अनुसार, ग्रहों के राजा सूर्य 14 जनवरी 2023 की रात 8 बजकर 21 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे। उदया तिथि 15 जनवरी को प्राप्त हो रही है। ऐसे में मकर संक्रांति नए साल में 15 जनवरी 2023 को मनाई जाएगी।

मकर संक्रांति के दिन करें ये उपाय
 मकर संक्रांति के दिन पानी में काली तिल और गंगाजल मिला कर स्नान करें। इससे सूर्य की कृपा होती है और कुंडली के ग्रह दोष दूर होते हैं। ऐसा करने से सूर्य और शनि दोनों की कृपा मिलती है, क्योंकि इस दिन सूर्य अपने पुत्र शनि के घर मकर में प्रवेश करते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ